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Saturday, July 4, 2009

जय-किशन|| JAY-KISHAN PART - 1(What is Decimal Number System?)

जय-किशन
[यह कहानी है दो दोस्तों की- जय और किशन की। दोनों बहुत ही अच्छे दोस्त हैं। जय बचपन से ही शहर में रहा है, शहर में ही पला-बढ़ा है, उसका सारा काम-धाम शहरी अन्दाज में होता है। जबकि किशन ग्रामीण पृष्ठभूमि का है एवं एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखता है। किशन ने बी०ए० में प्रवेश लेने से पहले कभी शहर का मुंह भी न देखा था। बी०ए० करने के बाद उसने पी०जी०डी०सी०ए० में प्रवेश लिया और यहीं पर उसकी मुलाकात जय से होती है और फिर दोनों पक्के दोस्त बन जाते हैं। दोनों ने यह नियम बना लिया है कि वे कक्षाएं समाप्त होने के बाद पढ़ाये गये विषय पर आपस में चर्चा करेंगे और यदि कोई समस्या आती है तो पहले आपसी विचार-विमर्श से, या फिर पुस्तकों की मददसे उसका समाधान करें और यदि फिर भी बात नहीं बनती, तो अगले दिन सम्बन्धित अध्यापक से सम्पर्क करेंगे।]

1- DECIMAL NUMBER SYSTEM
[जय सिर खुजलाते हुए बैठा है, लगता है कि किसी गहरी सोच में पड़ा है। तभी किशन वहां आता है]
किशन - अरे जय! ऐसे क्यों बैठे हो? क्लास खत्म होते ही बड़ी जल्दी यहां भाग आये.... क्या बात है?
जय - वात-वात कुछ नहीं........ आज पहली क्लास थी और पहले दिन ही गणित पढ़नी पड़ गयी। अगर मुझे पता होता कि पी०जी०डी०सी०ए० में गणित पढ़नी पड़ेगी तो मैं कभी प्रवेश न लेता। न जाने कहां फंस गया।
किशन - बस इतनी सी बात? मैं तो परेशान ही हो गया था कि कौन सा पहाड़ टूट पड़ा.....
जय - तुम्हें ये इतनी सी बात लगती है.......... अरे ये मेरे भविष्य का सवाल है मेरे भाई....
किशन - अच्छा....... तो चलो तुम्हारी इस समस्या का हल हम दोनों मिलकर निकालने की कोशिश करते हैं। चलो बताओ तुम्हें आज की क्लास में क्या समझ में नहीं आया?
जय - अरे ये पूंछो कि क्या समझ में आया? मालूम नहीं क्या पढ़ा रहे थे, मेरे तो सब सिर के उपर से लिकल गया, पता नहीं क्या जीरो, वन, जीरो, वन कर रहे थे।
किशन - अरे या टेंशन क्यों लेते हो? मै हूं न। चलो एक बार फिर कोशिश करते हैं। हम शुरूआत करते हैं Decimal Number System से।
जय - हॉं..... ये ठीक रहेगा। मेरे पास एक बुक भी है शायद उसमें से भी कुछ मदद मिल जाय।
किशन - Decimal Number System में ० से लेकर ९ तक कुल १० क्पहपज होते हैं और इस नम्बर सिस्टम का बेस १० होता है।
जय - यह नम्बर सिस्टम तो साधारणतया प्रयोग होने वाले नम्बर सिस्टम की तरह है जिसमें हम अपने दैनिक जीवन की आम गणनायें करते हैं।
किशन- की तरह नहीं ......... यह वही नम्बर सिस्टम है जिसमें हम अपनी रोजमर्रा की जरूरते पूरी करते हैं। हम अपने दैनिक जीवन में जो भी संख्या प्रयोग करते हैं वह इन्हीं दस अंकों के संयोग से बना है अब चाहे वह हमारा रोल नम्बर हो, फोन नम्बर हो या मोबाइल नम्बर हो।
जय - [बात को बीच में ही काटते हुए] अरे ये सब तो ठीक है पर ...... इसका क्या मतलब कि इस नम्बर सिस्टम का बेस १० हेाता है?
किशन - इसका बड़ा ही आसान सा मतलब होता है। किसी भी अंक का दो मान होता है एक अंकित मान और दूसरा स्थानीय मान। मान लो एक संख्या है ४५९८। इस संख्या में ४ का स्थानीय मान है ४००० यानि की ४ x 10^3 इसी प्रकार ५ का स्थानीय मान ५०० या ५ x 10^2 है! हम संख्या ४५९८ को इस प्रकार भी लिख सकते हैं -
४५९८ = ४००० + ५०० + ९० + ८ या
४५९८ = ४ x 10^3 + ५ x 10^2 + ९ x 10^2 + ८ x 10^0
या अन्य शब्दों में हम कह सकते हैं कि दाहिनी तरफ से nवें अंक का मान = nवां अंक x 10^N-1 या n वां अंक x (base)^n-1
जय- अरे वाह..... ये तो बहुत ही आसान है। देखो मैं तुम्हें Decimal Number System के बारे में बताता हूं। इस नम्बर सिस्टम में ० से ९ तक कुल १० अंक होते हैं और इसका बेस १० होता है तथा आमतौर पर हम इसी नम्बर सिस्टम का प्रयोग करते हैं जैसे कि हमारा रोल नम्बर, फोन नम्बर, प्राप्तांक आदि।
किशन - अच्छा.. चलो अब हम Binary Number System को भी समझ लेते हैं।
जय- बिल्कुल नहीं.......... पहले हम Decimal Number System समझने की खुशी में पानी पीने चलेंगे।
[ और दोनों पानी पीने चले जाते हैं।]

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